Criminal Case फौजदारी मामले

Criminal Case फौजदारी मामले

Criminal Cases फौजदारी मामले का आशय प्रस्‍तावना

जब किसी समूह, समाज, शहर, प्रदेश, देश की स्‍थापना होती है तो उसमें समाहित समस्‍त सदस्‍यों, व्‍यक्तियों एवं अन्‍य के बीच समन्‍वय स्‍थापित करने हेतु एवं उसके सुव्‍यवस्थित संचालन हेतु विभिन्‍न नियमों को बनाया जाता है । इन नियमों को कानून कहा जाता है, जिनसे किसी भी प्रकार का अपराध या इन कानूनों को कोई तोडता है तो इन कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधों को नियंत्रित करना आवश्यक होता है। जब कोई व्यक्ति के द्वारा बनाये गये कानून का उल्लंघन किया जाता है और समाज के लिए उसका दुष्‍प्रभाव होतो है तब उसके प्रति फौजदारी मामले Criminal Case दर्ज किया जाता है।

परिभाषा Definition

Criminal Case फौजदारी मामले वह होते है जिसमें किसी व्‍यक्ति,संस्‍था या व्‍यक्तियों के समूह के द्वारा किसी अन्‍य व्‍यक्ति,संस्‍था या व्‍यक्तियों के समूह के प्रति स्‍पष्‍ट रूप से उनके अहित करने के उध्‍देश्‍य से किया गया कोई ऐसा कृत्‍य जिसमें उनकों जान-माल की हानि होने के साथ शारिरिक एवं मानसिक प्रताडना का सामना करना पडे ऐसे कृत्‍यों को फौजदारी मामले की श्रेणी में रखा जाता है।

सरल शब्‍दों में – ऐसे कृत्‍य जिससे किसी व्‍यक्तियों को शारिरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर करने हेतु कारित किया गया, कृत्‍य फौजदारी मामलेCriminal Case के अंतर्गत आते है। इसमें किसी व्‍यक्ति विशेष के साथ हिंसा,चोरी,हत्‍या, धोखाधडी और उत्‍पींडन आदि सामिल होते है, जिनकों भारतीय दंड संहिता  (IPC)/ भारतीय न्‍याय संहिता 2023 (BNS) के अधीन धाराओं के आधार पर मामला कायम करने माननीय न्‍यायालय के द्वारा दंडनीय किया जाता है।

भारतीय न्‍याय व्‍यवस्‍था के तहत पीडित के नाम से माननीय न्‍यायालय में केस/प्रकरण दर्ज नही किया जाता है वल्कि राज्‍य सरकार या पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफा प्रकरण दायर करते हुये प्रकरण की अंतिम स्थिति में लाया जाता है।

Criminal Cases फौजदारी मामले के लगभग 08 प्रकार के होते है

  1. गंभीर अपराध (Serious / Heinous Crimes)
  2. साधारण अपराध (Minor Offences)
  3. जमानती और गैर-जमानती अपराध (Bailable & Non-Bailable Offences)
  4. संज्ञेय और असंज्ञेय अपराध (Cognizable & Non-Cognizable)
  5. आर्थिक अपराध (Economic Offences)
  6. साइबर अपराध (Cyber Crimes)
  7. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध
  8. राज्य के खिलाफ अपराध (Offences Against State)

1.   भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita)

        यह पुराने IPC (Indian Penal Code) की जगह आया है।

2.   भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita)

        यह CrPC (Criminal Procedure Code) की जगह लागू हुआ है।

3.   भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam)

        यह Evidence Act का नया रूप है।

1. शिकायत (FIR) दर्ज होना- पुलिस थाने में अपराध होने की एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की जाती है।

2. जांच (जांच)- पुलिस साक्ष्य साक्ष्य और गवाहों से पूछताछ करती है।

3. पेंसिलबाज़ी करना- जांच पूरी होने के बाद पुलिस कोर्ट में पुतला पेश किया जाता है।

4. न्यायालय में सुनवाई- दोनों पक्ष (अभियोजन और आरक्षण) अपनी-अपनी तर्क प्रस्तुत करते हैं।

5. निर्णय (जजमेंट)- अदालत ने दोषी को दोषी या निर्दोष घोषित किया है।

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कोर्ट {Court} न्यायालय (Niyalay / Nyayalay)

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